पंचायत लोगो

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग(जनपद पंचायत भरतपुर)

जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)

छ.ग. शासन

सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना 2011

छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय का पत्र क्रमांक 2595/वि-6/SECC/2018, दिनांक 13.07.2016 में दिये गये निर्देश का पालन करने का कष्ट करेंगे।

"स्वतः शामिल" (Automatically Included) और "वंचक सूचकांक" (Exclusion Index) ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति में आवेदक का नाम सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 की सर्वेक्षण सूची के स्वतः सम्मिलित सूचकांक अथवा वंचन सूचकांक के कम से कम एक वंचन सूचकांक वाले परिवारों की सूची में हो

स्वतः शामिल सूचकांक (Inclusion Index): निम्नलिखित स्थिति का परिवार स्वतः सम्मिलित परिवार की सूची में अनिवार्यतः सम्मिलित हो जायेंगे 1. बेघर परिवार। 2 निराश्रित / भिक्षुक 3 मैला ढोने वाले 4 आदिम जनजाति समूह 5 कानूनी रूप से विभुक्त किये गये बंधुवा मजदूर।

वंचक सूचकांक (Exclusion Index): यनिम्नलिखित स्थिति का परिवार सात वंचन सूचकांक में सम्मिलित परिवार की सूची में आएंगे* - D1- कच्ची दीवारों और कच्ची छत के साथ केवल एक कमरे में रहने वाले परिवार। D2- परिवार में 16 से 59 वर्ष के बीच की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है। D3- महिला मुखिया वाले परिवार जिसमें 16 से 59 वर्षों के बीच की आयु का कोई वयस्क पुरू'। सदस्य नहीं है। D4- दिव्यांग सदस्य वाले और किसी सक्षम शरीर वाले वयस्क सदस्य से रहित परिवार। D5- अ.जा./अ.ज.जा. परिवार। D6- ऐसे परिवार जहां 25 वर्ष से अधिक आयु का कोई वयस्क साक्षर नहीं है। D7- भूमिहीन परिवार जो अपनी ज्यादात्तर कमाई दिहाड़ी मजदूर

उदाहरण के लिए, किसी ग्रामीण विकास योजना में यदि कुछ पात्र परिवारों को “प्रधानमंत्री आवास योजना” या “राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम” में शामिल नहीं किया गया है, तो वे वंचक माने जाएंगे।

सूचकांकों का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि योजनाएं अपने लक्षित समूहों तक प्रभावी ढंग से पहुँचें और कोई भी पात्र व्यक्ति पीछे न छूटे।

📘 महत्वपूर्ण: सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC-2011) के अंतर्गत ग्राम स्तर पर सूची तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक परिवार का विवरण उपलब्ध है। उसी सूची से पात्र परिवारों की पहचान कर योजनाओं में सम्मिलित किया जा सकता है।